कसेरू खेड़ा दशहरा कमेटी कर रही है 80 फूट के विशालकाय रावण के पुतले का निर्माण
➡️गंगानगर: विजयदशमी का पर्व शनिवार को पूरे भारतवर्ष में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा इस दिन विभिन्न स्थानों पर रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों का दहन होगा। इन पुतलों को बनाने का कार्य दशहरे से लगभग पन्द्रह दिन पहले शुरू हो जाता है । मवाना रोड स्थित कसेरू खेड़ा में भी हर वर्ष विशालकाय रावण के पुतले का निर्माण स्वयं दशहरा कमेटी से जुड़े स्थानीय कारीगरों के द्वारा ही तैयार किया जा रहा है ।
कसेरू खेड़ा के स्थानीय नागरिक रिटायर्ड फौजी कन्हैया लाल अपने साथियों के साथ दिन- रात एक करके विशालकाय एवं बहुत ही सुंदर मुखड़े वाला 80 फूट के रावण का पुतला तैयार कर रहे हैं । कन्हैया लाल के साथ मुख्य रूप से आनंद भाई जी, सत्य प्रकाश, अरुण कुमार, गोल्डी, नंदकिशोर मीणा, जयप्रकाश आदि एक टीम वर्क के साथ पुतले का निर्माण कर रहे हैं । इन कारीगरों के द्वारा जो पुतला बनाया जा रहा है उसका मुखड़ा देखने लायक है बड़ी बड़ी आंखें ,लंबी मूछें व कानों में बड़े-बड़े सुनहरे कुंडल रावण के मुखड़े की शोभा बढ़ाते दिखाई देंगे । श्री रामलीला दशहरा कमेटी के अध्यक्ष विनोद सोनकर का कहना है कि कसेरू खेड़ा मेले के लिए जो रावण तैयार किया जाता है वह कमेटी के सदस्यों द्वारा निशुल्क बनाया जाता है। सोनकर ने बताया कि रावण के पुतले का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है अब केवल रावण के मुकुट का कार्य अंतिम चरण में है।
श्री रामलीला दशहरा कमेटी के सदस्यों आनंद भाई जी, कन्हैया लाल फौजी,अरुण, गोल्डी एवं जयप्रकाश ने बताया कि रावण के पुतले की खासियत है कि इसकी आंखें कई किलोमीटर दूर से देखी जा सकती हैं और रावण की गर्दन चारों दिशाओं में घूमती दिखाई देगी । सत्य प्रकाश ने बताया रावण के पुतले की गर्दन को घुमाने के लिए कई प्रकार की तकनीक का सहारा लिया जाता है एवं रावण के मुखड़े का मुकुट भी स्थानीय कारीगरों के द्वारा एवं सविता मीणा के साथ कस्बे की महिलाओं द्वारा तैयार किया जा रहा है।
श्री रामलीला दशहरा कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नंदकिशोर मीणा ने बताया कि दशहरा मैदान पर शुक्रवार को रावण के पुतले को क्रेन के द्वारा खड़ा कर दिया जाएगा।
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