✳️राममय भारत के लिए भारत को अखंड बनाना और उसे निरन्तर अखण्ड बनाये रखना होगा -स्वामी दिलीप दास महाराज✳️
➡️ मेरठ: 8/9/2024 को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में "राष्ट्रीय वैदिक हिंदू संगठन, भारत" के सानिध्य में चल रही "सुनिए कथा रघुनाथ की" की कथा के अंतिम दिन रघुवंश संकल्प सेवा ट्रस्ट श्री अयोध्या धाम से पधारे कथा व्यास स्वामी दिलीप दास महाराज जी ने आज प्रभु श्री राम के विवाह का दिव्य, अलौकिक एवं भव्य दर्शन प्रस्तुत किया। राम कथा के अंतिम दिन आज हनुमानगढ़ी अयोध्या से संत धर्मदास जी महाराज एवं नोएडा से ऋषभदेवजी महाराज का दर्शन भी प्राप्त हुआ। राम विवाह की खुशियों में पूरा सभागार रोमांचित हो नाचने को विवश हो गया।
कथा के दौरान दिलीप दास जी महाराज ने कहा माता सीता साक्षात शक्ति का प्रतीक है। किसी के गर्भ में भी इतनी शक्ति नहीं थी कि जो जानकी को धारण कर सके, मिथिला की धरती ने जानकी को धारण कर किया। इसलिए अयोध्या की तरह मिथिला (वर्तमान में नेपाल) भी पवित्र पावनी है अतः भारत-नेपाल का गठबंधन भी राम-सीता के बंधन की तरह होना चाहिए। रामायण काल में भारत में तीन नगर हुआ करते अयोध्या, मिथिला (नेपाल) और लंका। इन दोनों को भी पुनः भारत में समाहित होना चाहिए। ताकि राममय अखण्ड भारत का पुन: निर्माण किया जा सके।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अध्यक्ष शीतल गहलोत ने राष्ट्रीय वैदिक हिंदू संगठन भारत की रामकथा में महान संतों के आगमन पर आभार प्रकट करते हुए राष्ट्र को आगे ले जाने का संकल्प लिया।राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सचिव रामवीर सोम, महासचिव रवि कुमार रस्तोगी, आलोक सिसौदिया, प्रवीण जैन ने श्री राम कथा में आये सभी अतिथिगण एवं सहयोगी बंधुओ का आभार व्यक्त किया। श्री राम कथा में राष्ट्रीय वैदिक हिंदू संगठन भारत की अध्यक्षा शीतल गहलोत, राष्ट्रीय सलाहकार- अजय कुमार, राष्ट्रीय संरक्षक- मीडिया प्रभारी-पारस गुप्ता प्रवीण कुमार, जैन सचिन कौशिक, हरिओम शर्मा, सौरभ गुप्ता, धन कुमार रस्तोगी, मल्लिका रस्तोगी एवं अन्य मौजूद रहे। आसपास के क्षेत्र से बहुत से लोगों ने श्री राम कथा का लाभ उठाया।
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