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रविवार, 8 सितंबर 2024

राम के नाम के बिना चराचर जगत का कोई अस्तित्व नहीं -स्वामी दिलीप दास जी महाराज

 राम के नाम के बिना चराचर जगत का कोई अस्तित्व नहीं -स्वामी दिलीप दास जी महाराज

➡️ मेरठ :रघुवंश संकल्प सेवा ट्रस्ट श्री अयोध्या धाम से पधारे कथा व्यास स्वामी दिलीप दास महाराज जी ने कहा कि राम नाम के बिना चराचर जगत का कोई अस्तित्व नहीं है। यदि आप धर्म के मार्ग पर चलना चाहते हैं तो आपको *राम* का नाम धारण करना ही पड़ेगा। *राम* का नाम विश्राम देता है यही राम का चरित्र मानस है। विश्व का कोई भी पंथ राम के नाम से अछूता नहीं है जैन पंथ को मानने वालो के भी 24 तीर्थंकर हुए उनमें ऋषभदेव *र* और महावीर का *म* राम नाम का ही बौद्ध करता है यही इस्लाम पंथ का भी है इस इस पंथ के भी 24 पैगंबर हुए उसमें भी रसूल *र* और मोहम्मद का *म* भी राम के नाम का ही बौद्ध कराते हैं।

कथा व्यास स्वामी दिलीप दास जी महाराज ने श्री राम कथा के दूसरे दिन पुनः भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का आह्वान करते हुए भारत सरकार से रामचरित्र मानस को राष्ट्रीय ग्रंथ, गौ माता को राष्ट्र माता बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत को अगर विश्वगुरु बनाना है तो हमें गुरुकुल और गौशालाओं को पुष्ट करना होगा। 

गुरुकुल को पुष्ट करने से शिक्षा, चिकित्सा और धर्म को सेवा प्रकल्प बनाया जा सकता है। जो राष्ट्र निर्माण का मूल मंत्र भी है। वैदिक हिंदू संगठन भारत के सानिध्य में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अंतर्गत अटल सभागार में चल रही तीन दिवसीय सुनिए कथा रघुनाथ की कथा में दूसरे दिन कथा व्यास दिलीप दास जी महाराज ने प्रभु राम जी के नर से नारायण बनने का पूरा वृतांत सुनाया गया। स्वामी दिलीप दास जी महाराज ने प्रभु श्रीराम जी के गुरुकुल में शिक्षा लेने तक पूरा वृतांत सुनाया। 

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अध्यक्ष शीतल गहलोत, राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सचिव रामवीर सोम, अमित सोम, आलोक सिसौदिया ने श्री राम कथा में आये सभी अतिथिगण‌ एवं सहयोगी बंधुओ का आभार व्यक्त किया। श्री राम कथा में राष्ट्रीय वैदिक हिंदू संगठन भारत की अध्यक्षा शीतल गहलोत, राष्ट्रीय सचिव -श्री रामवीर सोम, राष्ट्रीय महासचिव- रवि कुमार रस्तोगी, राष्ट्रीय सलाहकार- अजय कुमार, राष्ट्रीय संरक्षक-गिरीश बंसल, मीडिया प्रभारी-पारस गुप्ता एवं अन्य मौजूद रहे। श्री राम कथा में के अंतिम दिन कल दिनांक 8/9/2024 को सुबह हवन और दोपहर 3 बजे से सायं 7 बजे तक सीता स्वयंबर, राम-रावण युद्ध आदि की कथा का श्रवण कराया जाएगा।

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