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गुरुवार, 5 नवंबर 2020

इस्लामिक आतंकवाद का हल सोचना ही देशभक्ति हैं

    आज पूरा विश्व समुदाय इस्लामिक आतंकवाद से त्रस्त है जिसका कारण सेकुलरिज्म ही प्रतीत होता है. फ्रांस में हुए आतंकवादी हमले भी इस कारण से अलग नहीं है. फ्रांस का रुख हमेशा इस्लाम की तरफ लचीला रहा है जिसके चलते इस्लामिक देशों से आने वाले लोगों को फ्रांस में बहुतायत से बसाया गया, बिना किसी भेदभाव के उन्हें फ्रांस की नागरिकता व वोटिंग का अधिकार भी दिया गया. जिससे फ्रांस में इस्लामिक देशों से आए मुसलमानों ने वहां पर इस्लामिक हुकूमत कायम करने के लिए फ्रांसीसी कानूनों का उल्लंघन शुरू कर दिया. मामूली मामूली की घटनाओं को इस्लाम के खिलाफ बताते हुए कत्लेआम शुरू कर दिया गया. नतीजा सभी के सामने है. फ्रांस आज इस्लामिक आतंकवाद से कराह रहा है. लेकिन सुखद बात यह है कि फ्रांस इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ इच्छाशक्ति जताते हुए उसका मुकाबला कर रहा है. ऐसे में भारत को भी इस्लामिक आतंकवाद से निजात पाने के लिए फ्रांस का समर्थन करना चाहिए क्योंकि भारत भी इस्लामिक आतंकवाद से हमेशा त्रस्त रहा है.          


धारा 370, राम मंदिर निर्माण, UCC, CAA, NRC, NPR और जनसंख्या नियंत्रण कानून जैसा कोई भी राष्ट्रहित का मुद्दा ऐसा नहीं है जिसका तथाकथित सेकुलरवादियों ने विरोध न किया हो. भारत संदर्भ में सेकुलरिज्म का एकमात्र उद्देश्य इस्लाम को बढ़ावा देना और राष्ट्रहित का विरोध ही है. अतः भारत में निश्चित रूप से माना जा सकता है इस्लामिक आतंकवाद का हल सोचना अंधभक्ति नहीं अपितु राष्ट्रभक्ति हैं.


 


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